सरकार ने हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश एक सौ नए वन स्टाप केंद्र बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।



केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्रालय ने आज यहां बताया कि मंत्रालय के कार्यक्रम अनुमोदन बोर्ड (पीएबी) की सोमवार को हुई बैठक में 100 अतिरिक्त वन स्टाप केंद्र (ओएससी) को मंजूरी दी गयी।



प्रस्ताव के अनुसार हरियाणा में 15, हिमाचल प्रदेश में एक, मध्य प्रदेश में 25, महाराष्ट्र में एक, मिजोरम में एक, नागालैंड तीन, ओडिशा में एक, तमिलनाडु में एक और उत्तर प्रदेश में 52 वन स्टाप केंद्र निर्मित किए जाएंगे।



अप्रैल 2015 से अब तक 182 वन स्टाप केंद्रों (ओएससी) का निर्माण किया है। ये केंद्र हिंसा से पीड़ित महिलाओं को विभिन्न प्रकार की सहायता उपलब्ध कराते हैं।



अब तक 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1.3 लाख से ज्यादा हिसा से पीड़ति महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराई गई है। ओएससी का उद्देश्य हिंसा से पीड़ति महिला को पुलिस सहायता, मेडिकल सहायता, मानसिक-सामाजित परामर्श, कानूनी सहायता, पांच दिनों का अस्थायी निवास आदि उपलब्ध कराना है। पीड़ति महिला एक छत के नीचे विभिन्न सेवाएं प्राप्त कर सकती है। वन स्टाप केंद्रों का निर्माण मानक प्रारूप में वर्तमान में उपलब्ध भवनों तथा नए भवनों में किया गया है।