कोहिमा। ।

नागालैंड में चुनकर नव निर्वाचित विधायकों में 75 फीसदी करोड़पति हैं। एनडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक 60 विधायकों में 45 विधायक करोड़पति हैं। इनमें से प्रत्येक के पास 1 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है। दो दागी विधायक है।  इनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। एक भाजपा से जबकि दूसरा नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी(एनडीपीपी) से है। 2013 में 61 फीसदी यानि 59 में से 36 विधायक करोड़पति थे।



एडीआर के मुताबिक 6 विधायकों ने अपनी आय के स्रोत का खुलासा नहीं किया है। आपको बता दें कि 54 साल बाद भी राज्य में एक भी महिला विधायक नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक 2018 के विधानसभा चुनावों में प्रत्येक विधायक की औसत संपत्ति 5.16 करोड़ है। 2013 में विधायकों की औसत संपत्ति करीब 3.18 करोड़ थी। नगा पीपुल्स फ्रंट(एनपीएफ)के 27 विधायकों की औसत संपत्ति 4. 41 करोड़, एनडीपीपी के 17 विधायकों की औसत संपत्ति करीब 7.52 करोड़ है। भाजपा के 12 विधायकों की औसत संपत्ति 3.68 करोड़ है जबकि नेशनलिस्ट पीपुल्स पार्टी(एनपीपी) के दो विधायकों की औसत संपत्ति करीब 1.37 करोड़ है।





रिपोर्ट के मुताबिक एनपीएफ के 27 में से 20 (74 फीसदी), एनडीपीपी के 17 में से 13 (77 फीसदी) भाजपा के 12 में से 9(75 फीसदी), जदयू, एनपीपी के एक एक और एक निर्दलीय विधायक ने एक करोड़ से ज्यादा की संपत्ति संपत्ति घोषित की थी। सबसे पैसे वाले विधायक हैं एनडीपीपी नेता और मुख्यमंत्री बनने जा रहे नेफ्यू रिओ। उन्होंने 36 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति घोषित की थी।





इसके बाद नंबर आता है के.तोकुघा सुखालु का, जिन्होंने 17 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति घोषित की थी। वह भी एनडीपीपी से विधायक हैं। एनपीएफ के यिताचु ने भी 17 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति घोषित की थी। सबसे गरीब विधायक हैं एनडीपीपी के तोषी वुंगतुंग। उन्होंने 9 लाख की संपत्ति घोषित की थी। 20 विधायक 8 वीं से 12 वीं पास है जबकि 39 विधायक ग्रैजुएट या पोस्ट ग्रैजुएट हैं। एक विधायक ने खुद को अशिक्षित घोषित किया था।