गुवाहाटी। ।

वार्ता समर्थक अल्फा ने भी एक स्वर नागरिकता कानून संशोधन विधेयक का तीखा विरोध किया है। संगठन के मुताबिक यह विधेयक स्वीकार हुआ तो खिलंजिया लोगों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा और असम जल उठेगा।



शुक्रवार को यहां अल्फा के वार्ता समर्थक गुट के कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में उसके अध्यक्ष अरविंद राजखोवा की मौजूदगी में महासचिव अनूप चेतिया ने कहा कि समय है कि राज्य के सभी लोगों को एकजुट होकर नागरिकता कानून संशोधन विधेयक का खुलकर विरोध करना चाहिए।



चेतिया ने चेतावनी दी कि असमिया जाति के अस्तित्व को धक्का लगने वाली कोई बात हुई तो वे सब शांत नहीं बैठेंगे, शांति वार्ता छोड़ देंगे। क्योंकि यह विधेयक राज्य के खिलंजिया लोगों के लिए खतरा है।



अल्फा वार्ता समर्थक गुट के अध्यक्ष अरविंद राजखोवा ने कहा कि हालांकि उनका संगठन भारत सरकार के साथ शांति वार्ता की मेज पर है और शांति समझौते पर हस्ताक्षर को तैयार है। लेकिन असम के लोगों का हित अभी भी उनका सबसे पहला एजेंडा है। इसकी अनदेखी नहीं कर सकते।



पीडीएके, केएलए और एनडीएफबी जैसे अनेके संगठनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में चेतिया विधेक को लेकर काफी चिंतित दिखे। इस बीच अनूप चेतिया ने पूर्व पीसीजी सदस्य रेवती फूकन के लापता होने के मुद्दे पर गहरी चिंता जताते हुए चेतिया ने उनके अपहरण की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि फूकन परेश बरुवा को वार्ता के लिए मनाने की जीतोड़ कोशिश कर रहे थे। सरकार से जल्द से जल्द रेवती फूकन का पता लगाने की मांग की।