अगरतला ।

अपने विवादित बयानों के लिए पिछले काफी समय से चर्चा में बने हुए बिप्लब देब ने यह साफ कर दिया है कि उन्हे पीएम मोदी ने उनके बयानों के लिए दिल्ली नहीं बुलाया हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मोदी उनसे अपने बेटे की तरह व्यवहार करते हैं।




सूत्रों की मानें तो बिप्लब कुमार देब दिल्ली में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और यही कारण है कि मोदी ने उन्हें दिल्ली आने को कहा है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों और अन्य अधिकारियों के साथ 2 मई को एक उच्च स्तरीय बैठक की थी। जिसमें महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती समारोह की तैयारियों संबंधी कमेटी में विचार-विमर्श किया गया था जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रपति ने की थी।



बता दें कि इससे पहले आई खबरों के मुताबिक यह कयास लगाए जा रहे थे कि 2 मई को दिल्ली में प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह त्रिपुरा के मुख्यमंत्री को उनके विवादित बयानों को लेकर मुलाकात के लिए बुलाया है।




मार्च में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद से ही बिप्लब देव विवादास्पद बयानों के जरिए सुर्खियों में छाए हुए हैं। पहले उन्होंने महाभारत काल में इंटरनेट होने का दावा किया। इसके बाद देब ने 1997 में मिस वर्ल्ड बनने वाली डायना हेडन के चुने जाने पर भी सवालिया निशान लगाया था, लेकिन इसके बाद भी देब रूके नहीं। उन्होंने शनिवार को एक अनूठा बयान दिया और कही कि मेकैनिकल इंजीनियरों को सिविल सर्विसेज के लिए नहीं जाना चाहिए।