अगरतला। ।

त्रिपुरा सरकार में शामिल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा इंडिजीनस पीपुल्स ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) के कार्यकर्ताओं के बीच धलाई जिले में लोंगतराई घाटी स्थित चाउमानु में हुई ताजा झड़प में 23 लोगों के घायल हो गए जिसके बाद मुख्यमंत्री विप्लव कुमार देव ने मंगलवार देर रात दोनों दलों के शीर्ष नेताओं के साथ आपात बैठक कर एक समन्वय समिति गठित की।



गत एक माह के दौरान सरकार में शामिल दोनों सहयोगी पार्टियों के बीच झड़प की यह चौथी घटना है। देव ने इस बैठक में दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं को कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी। इस बैठक में भाजपा की महासचिव प्रतिमा भौमिक और राजीव भट्टाचार्य तथा आईपीएफटी के अध्यक्ष एवं राजस्व मंत्री एन सी देववर्मा और महासचिव एवं आदिवासी कल्याण मंत्री मेवार जमातिया भी मौजूद थे।



देव ने कहा, 'राजनीति तथा गठबंधन में मतभेद, शिकायतें और दलों के विरोधी दृष्टिकोण असामान्य नहीं हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कार्यकर्ता सत्ता में अपनी प्रमुखता स्थापित करने के लिए हिंसा का सहारा लें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में चल रही निर्वाचित राज्य सरकार ऐसी किसी भी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगी।'



देव ने दोनों पार्टियों के नेताओं से अपने-अपने कार्यकर्ताओं को ङ्क्षहसा से रोकने का निर्देश देने को कहा अन्यथा सरकार पार्टी और दल की परवाह किये बिना आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करेगी। मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच संघर्ष को समाप्त करने के लिए उप मुख्यमंत्री जिष्णु देव वर्मा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समन्वय समिति का भी गठन किया। इस समिति में बैठक में भाजपा तथा आईपीएफटी के उक्त चारों नेताओं को भी शामिल किया गया है।



समिति अगले एक सप्ताह के दौरान मिश्रित आबादी वाले इलाकों में दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक भी करेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पहाड़ी इलाकों में आईपीएफटी कार्यकर्ता अपनी पार्टी में शामिल होने से इंकार करने पर भाजपा नेताओं पर हमले कर रहे हैं। गोमती जिले में कोरबोक के भाजपा विधायक बुर्बाे मोहन के साथ गत सप्ताह आईपीएफटी समर्थकों ने हाथापाई तक की थी। इसके अलावा कई अन्य जगहों पर भी भाजपा नेताओं पर हमले किये गये।