कर्नाटक चुनाव परिणाम के बाद सबसे बड़े दल के कारण राज्यपाल से सरकार गठन के लिए आमंत्रित किए जाने की भाजपा की मांग पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सबसे बड़ी पार्टी में अब नियम चेंज नहीं हो सकते।



कर्नाटक में अचानक सिंगल लारजेस्ट पार्टी का हक कैसे हो गया? उन्होंने सवाल पूछा कि गोआ, मणिपुर और मेघालय में हम सबसे बड़े दल थे तब हमें सरकार बनाने का मौका क्यों नहीं मिला? क्या 5 साल जेडीएस का CM होगा, के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमने कोई डिटेल अभी तय नहीं किया है। हम दोनों दल मिलाकर 117-18 एमएलए हैं। हम स्थाई सरकार देंगे।



अगर राज्यपाल ने भाजपा को सरकार बनाने के लिए बुलाया तो इसका मतलब हॉर्स ट्रेडिंग होगी, पैसा चलेगा, रिश्वत चलेगी और MLA की तोड़-फोड़ होगी। मुझे भरोसा है कि राज्यपाल संविधान की गरिमा के मुताबिक काम करेंगे, हॉर्स ट्रेडिंग को बढ़ावा नहीं देंगे। जब हमारे पास 117 हैं जबकि उनके पास 104 तो कौन स्थाई सरकार देगा।



सरकार के पांच साल चलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कुमारस्वामी हमारे सीएम होंगे, आप पांच साल पर क्यों लटके हैं? जेडीएस के नेतृत्व में हमारी सरकार बनेगी और पांच साल चलेगी। कोई नसीहत पीएम और अमित शाह को? वो गुजरात मे भी 150 सीट ले रहे थे लेकिन शायद ईवीएम ने उनकी पूरी मदद नहीं की।



जेडीएस से गठबंधन के सवाल पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सिर्फ मैंने नहीं बल्कि अशोक गहलोत और वेणुगोपाल जी ने भी जेडीएस से गठबंधन करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से भी उन्होंने बीच-बीच में बात की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के 117-18 एमएलए हैं। मुझे विश्वास है कि गवर्नर साहब संविधान देखकर कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाएंगे जिससे एक पार्टी को दूसरी पार्टी को तोड़ने का मौका मिले।



कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन करके सरकार बनाने की स्थिति में हैं। कांग्रेस ने जेडीएस को समर्थन देने का एलान कर दिया है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने सरकार बनाने का दावा किया है। एचडी कुमारस्वामी, सिद्धरमैया, गुलाम नबी आजाद और मल्लिकार्जुन खड़गे बेंगलुरू स्थित राजभवन में राज्यपाल से मिलने पहुंच चुके हैं।