जापान दूसरे विश्व युद्ध में शहीद अपने सैनिकों की याद में मणिपुर में संग्रहालय बनाना चाहता है। इंफाल युद्ध की 73वीं बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में जापानी राजदूत केंजी हिरामात्सु ने इसकी घोषणा की। 



द हिंदू के अनुसार उन्होंने कहा कि 1944 में मार्च से जून के बीच इंफाल और कोहिमा में कम से कम 70,000 जापानी सैनिक मारे गए थे। यह संग्रहालय मणिपुर के बिशनपुर जिले में मैबा लोकपा की एक पहाड़ी पर बनाने का प्रस्ताव है जहां दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जापानी सैनिकों का शिविर मौजूद था।

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने जापान के इस प्रस्ताव का स्वागत किया है और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। जापानी राजदूत केंजी हिरामात्सु ने यहां मारे गए जापानी सैनिकों के अंतिम संस्कार के लिए स्थानीय लोगों से उनके अवशेषों को खोजने में मदद करने की भी अपील की।



मणिपुर में पहले भी अंतिम संस्कार के लिए जापानी सैनिकों के अवशेषों की तलाश की गई है। लेकिन, जापानी राजदूत का मानना है कि अभी और भी अवशेष मौजूद हो सकते हैं। मणिपुर में मारे गए जापानी सैनिकों के परिजन खास मौकों पर उनकी याद में आज भी यहां आते हैं।

इस कार्यक्रम में जापानी राजदूत केंजी हिरामात्सु ने नगालैंड और मणिपुर से 25 लोगों को जापान आने का न्यौता भी दिया। उन्होंने जापान में पढ़ने के इच्छुक छात्रों की मदद के लिए इस साल नवंबर में सेमिनार आयोजित करने की भी घोषणा की।