मणिपुर क्रिकेट संघ ने बीसीसीआई के वकील की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया की है। अधिवक्ता पुनीत बाली की पूर्वोत्तर राज्यों के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी से नाराज मणिपुर क्रिकेट संघ ने बीसीसीआई को पत्र लिखकर बोर्ड से आग्रह किया है कि वह अपने वकील को अनुचित टिप्पणी करने से रोके।



मणिपुर क्रिकेट संघ के सचिव सिंगम प्रियनंद सिंह ने बीसीसीआई के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी को पत्र लिखकर कहा, पुनीत बाली की टिप्पणी से पीड़ा पहुंची है और इससे संबंधित संघों में ही नाराजगी नहीं है बल्कि इससे पूर्वोत्तर की क्रिकेट प्रेमी जनता की भावनाएं भी आहत हुई हैं विशेषकर एनएडीपी राज्यों की।



प्रियनंद ने कहा कि उच्चतम न्यायालय में बाली की दलीलों की सामग्री और लहजा नस्लीय रूप से पक्षपाती था। प्रियनंद ने लिखा , यह काफी हैरानी भरा है कि अरूणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, नगालैंड और सिक्किम के भी बीसीसीआई का सदस्य होने के बावजूद, एक राज्य एक मत के संदर्भ में बीसीसीआई का प्रतिधित्व कर रहे वकील को पांच पूर्वोत्तर- एनएडीपी राज्यों के हितों के विपरीत दलीलें देते सुना गया जो नस्लीय रूप से पक्षपाती सामग्री और लहजे के करीब थी।



पूर्वोत्तर के राज्यों को इस साल से कैसे शीर्ष क्रिकेट में शामिल किया जाए इस पर बीसीसीआई में विभाजन है। तकनीकी समिति से स्वीकृति दे दी है और शायद रणजी ट्रॉफी सेकेंड डिविजन बनाया जाएगा जिसमें पूर्वोत्तर राज्य और बिहार हिस्सा लें।



प्रियनंद ने आरोप लगाया कि बीसीसीआई का वकील होने के बावजूद बाली शीर्ष अदालत में जो दलीलें दे रहे थे वे पूर्वोत्तर राज्यों को उनके अधिकारों से वंचित करने के इरादे से थी।