डिफेंडिंग चैंपियन भारतीय महिला हॉकी टीम पांचवीं एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में रविवार को जापान के खिलाफ होने वाले मुकाबले के साथ खिताब बचाने उतरेगी। सुनीता लाकड़ा के नेतृत्व में भारतीय टीम को दुनिया की 12वें नंबर की टीम जापान से कड़ी टक्कर मिल सकती है।



पहले भी जापान मुश्किल प्रतिद्वंद्वी रहा है। 2013 के एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में जापान ने ही पराजित किया था। इसके अलावा 2016 में जब भारत ने पहली बार खिताब जीता तब भी जापान के खिलाफ मुकाबला 2-2 से ड्रॉ रहा था। यही नहीं जापान की टीम फाइनल में पहुंचने वाली चीन को लीग दौर में हराया था।



पिछले साल जुलाई में हॉकी वर्ल्ड लीग राउंड-3 में जापान के हाथों 0-2 से हार मिली थी हालांकि एशिया कप में भारत ने उस हार का हिसाब बराबर कर लिया था। ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले की खिलाड़ी 27 वर्षीय सुनीता लाकड़ा ने कहा कि जापान से हमेशा हमें कड़ी टक्कर मिली है। शुरुआत में ही उनका डिफेंस तोड़ना हमारे लिए महत्वपूर्ण रहेगा।



 
मलयेशिया को रौंदा
भारतीय टीम अभ्यास मैच में मलयेशिया के खिलाफ 6-0 की जीत से उत्साहित है। बकौल कप्तान सुनीता टीम ने हाल में राष्ट्रमंडल खेलों में भी अपने से उच्च स्तर की टीमों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया था। अब हम जीत की मानसिकता के साथ उतरते हैं। हमने मलयेशिया के खिलाफ अभ्यास मैच लयबद्ध खेल दिखाया और उसी लय को जारी रखना चाहेंगे।