कोहिमा। ।

वाटरफाॅल्स आैर पहाड़ों के बीच बसा नागालैंड ट्रैकिंग आैर राफ्टिंग के शौकीनों के लिए सबसे खास माना जाता है। इस राज्य का गेटवे दिमापुर है। हवाई अड्डा और रेलवे स्टेशन केवल यहीं है। हालांकि नागालैंड राज्य की राजधानी कोहिमा (144 किलोमीटर) है, लेकिन दिमापुर नागालैंड का मुख्य शहर माना जाता है। दिमापुर के करीब चुमुकेदिमा नामक एक टूरिस्ट विलेज काॅप्लैक्स है। यहां से पूरे दिमापुर को देखा जा सकता है। यहां से 74 किलोमीटर की दूरी पर दोयांग नदी के पास गवर्नर्स कैंप नामक टूरिस्ट स्पाॅट है। यहां पर्यटक रिवर राफ्टिंग, फिशिंग, कैंपिंग करते हैं।



यहीं है एशिया का सबसे बड़ा कैथेड्रल चर्च

कोहिमा में पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र अरदुरा पहाड़ पर लाल छतवाला कैथेड्रल चर्च है। इसे एशिया के सबसे बड़े कैथेड्रल चर्च के रूप में जाना जाता है। यह लगभग 25 हजार वर्गफुट में फैला हुआ है। चर्च में बेथलेहम जैतून की लकड़ी से बनी सुंदर नाद आकर्षण का केंद्र है।


दक्षिण में लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर दजुको एक खूबसूरत घाटी है, जो फूलों के खूबसूरत गुलदस्ते जैसी है। यहां के एकोनिटम और एंफोबियस फूल की ख्याति दुनियाभर में है। दिमापुर से करीब सेइथेकिमा गांव में ट्रिपल फाॅल्स हैं, जो एक तिमंजिला झरना है। यह पर्यटकों और ट्रैकिंग के शौकीनों की पसंदीदा जगह मानी जाती है।



5 घंटों की ट्रैकिंग के बाद पहुंचेंगे जाफू पीक

यहां का संग्रहालय नगा संस्कृति, स्थापत्य और यहां की सामाजिकसांस्कृतिक प्रथाओं को जानने में बहुत मददगार है। कोहिमा के दक्षिण में 15 किलोमीटर की दूरी पर जाफू पीक नामक पहाड़ है, जिस की ऊंचाई समुद्रतल से 3,048 मीटर है। नवंबर से मार्च तक इस पहाड़ की चढ़ाई की जा सकती है। लगभग 5 घंटों की ट्रैकिंग के बाद जाफू पीक पहुंचना संभव होता है। जाहिर है ट्रैकर्स के लिए यह बड़ा आकर्षण का केंद्र है।



गिनीज बुक आॅफ वर्ल्ड रिकॉर्डस में दर्ज है रोडोडेंड्रॉन का नाम

यहां की पर्वत शृंखलाओं में रोडोडेंड्रॉन पेड़ों की सब से ऊंची प्रजाति पाई जाती है। गिनीज बुक आॅफ वर्ल्ड रिकाॅर्डस में रोडोडेंड्रॉन ने अपना नाम दर्ज करा लिया है। ऊंचाई में यह पेड़ 130 फुट तक होता है।






गर्मियों की दुल्हन की तरह सज जाती है वादियां


जाफू पर्वत शृंखलाओं की चोटी से दजुको वैली को देखा जा सकता है। यहां की जलधाराएं सर्दियों के दिनों में जम जाती हैं। लेकिन गर्मियों के दिनों में यह वादी दुलहन की तरह सज जाती है। यहीं एक और दर्शनीय स्थल है मोकोकचुंगा, जो समुद्रतल से 1,325 मीटर की ऊंचाई पर बसा है। यहां से पूरे शहर का दृश्य देखा जा सकता है। कोहिमा से 80 किलोमीटर की दूरी पर संतरे और अनन्नास के लिए मशहूर शहर वोखा है।




एेसे पहुंचे नागालैंड

नागालैंड पहुंचने का रास्ता कोलकाता से हो कर गुजरता है। सियालदह से कंचनजंघा ऐक्सप्रेस से गुवाहाटी हो कर नागालैंड पहुंचा जा सकता है। इस के अलावा जनशताब्दी ऐक्सप्रेस से 5 घंटे का सफर कर के दिमापुर पहुंचा जा सकता है। दिमापुर घूम लेने के बाद 3 घंटे के सड़क के रास्ते कोहिमा जाया जाता है। हवाई रास्ते से भी दिमापुर पहुंचा जा सकता है, फिर सड़क के रास्ते कोहिमा।