गुवाहाटी। ।

असम के रेलवे राज्य मंत्री आैर नगांव के सांसद राजेन गोहेन ने असम में हिंदू-बांग्लादेशियों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी मूल के हिंदुओं ने हमारी मदद की है, इसलिए हम (भाजपा) नागरिकता (संशोधन) विधेयक-2016 का समर्थन कर रहे हैं।’



इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं कि नागरिकता (संशोधन) विधेयक लागू होने से बांग्लादेशी मूल के सभी हिंदुओं को असम की नागरिकता मिल जाएगी। जबकि 2014 से पहले भारत आने वाले हिंदुओं को ही नागरिकता मिलेगी जो राज्य के लिए कोई खतरा नहीं हैं।’ राजेन गोहने के मुताबिक बांग्लादेश से आए मुस्लिमों से असम के स्थानीय लोगों की पहचान और संस्कृति को खतरा है। बांग्लादेशी हिंदू से असम आैर देश को कोर्इ खतरा नहीं है ।




बता दें कि नागरिकता अधिनियम 1955 का और संशोधन करने वाले नागरिकता संशोधन विधेयक 2016 में पडोसी देश से आए हिन्दू, सिख एवं अन्य अल्पसंख्यकों को नागरिकता प्रदान करने की बात कही गयी है चाहे उनके पास जरूरी दस्तावेज हो या नहीं। विधेयक के कारण और उद्देश्यों में कहा गया है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के कई भारतीय मूल के लोगों ने नागरिकता के लिए आवेदन किया है लेकिन उनके पास भारतीय मूल के होने के सबूत उपलब्ध नहीं है।



पहले उनका नागरिकता कानून के तहत नैसर्गिक नागरिकता के लिए 12 वर्ष तक देश में रहना जरूरी होता था। प्रस्तावित विधेयक के माध्यम से नागरिकता अधिनियम की अनुसूची 3 में संशोधन का प्रस्ताव किया गया ताकि वे 12 वर्ष की बजाय 7 वर्ष पूरा करने पर नागरिकता के पात्र हो सकेंं।




हिंदू बांग्लादेशियों को देश की नागरिकता देने के लिए भाजपा ये विधेयक पास करना चाहती है जिसका पूरे असम में पुरजोर विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस के साथ राज्य में भाजपा सहयोगी अगप भी इस विधेयक के विरोध मे है आैर बार-बार गठबंधन तोड़ने की भी धमकी दे चुकी हैं। तो वहीं राज्य के कलाकार,आम जनता आैर कर्इ संगठन भी इसका विरोध कर रहे है।