पूर्वत्तर राज्य सिक्किम में जन्मे डैनी डेन्जोंगपा इस साल तीन फिल्म 'बायोस्‍कोपवाला', 'मणिकर्णिका: क्‍वीन ऑफ झांसी' और 'बैटल ऑफ सारागढ़ी' में नजर आने वाले हैं। वे बॉलीवुड में अपने खलनायक के रोल के के लिए काफी लोकप्रिय हैं। डैनी की फिल्म 'बायोस्‍कोपवाला' 25 मई को रिलीज होने वाली है। फिल्म डायरेक्टर देब माधेकर है और फिल्म को सुनील दोषी प्रोड्यूस किया है।




वे आखिरी बार 2017 में आई फिल्म 'नाम शबाना' में नजर आए थे। हालांकि, इस फिल्म में उनका छोटा सा रोल था। कई हिट फिल्में देने वाले डैनी को ब्लॉकबस्टर फिल्म 'शोले' में गब्बर सिंह का रोल ऑफर हुआ था।




लेकिन उन्होंने इस रोल को करने से मना कर दिया था। उन्होंने बताया कि 43 साल बाद इस बात का खुलासा किया कि आखिर उन्होंने क्यों गब्बर का रोल करने से मना कर दिया था।




दरअसल उन्हें शोले के डायरेक्टर रमेश सिप्पी ने जब फिल्म ऑफर की तब वे 'धर्मात्मा' फिल्म के लिए फिरोज खान को हां कह चुके थे। फिरोज खान ने आफगानिस्तान में शूटिंग की परमिशन भी ले ली थी।




लिहाजा शूटिंग टाली नहीं जा सकती थी। तो डेट्स की कमी कारण उन्होंने गब्बर के रोल को ना कहना पड़ा। उन्होंने बताया कि, 'मुझे गब्बर के रोल के लिए ना कहने का कोई मलाल नहीं हुआ था। वो इसलिए क्योंकि 'शोले' के बाद अमजद खान की प्राइस बढ़ गई थी और इससे उनकी फीस भी ऑटोमेटिकली बढ़ गई थी।




डैनी ने बताया कि 'बायोस्‍कोपवाला' में वे 'काबुलीवाला' के बलराज साहनी के किरदार से प्रेरित रोल प्ले कर रहे हैं। उसका नाम रहमत खान है। काबुलीवाला की तरह यहां भी रहमत खान अफगानिस्‍तान से कोलकाता आता है। बच्ची मिनी में अपनी बेटी का अक्‍स देखता है।




'मणिकर्णिका: क्‍वीन ऑफ झांसी' में वे गुलाम मोहम्मद गौस खान बने हैं, जो झांसी की रानी का खास रक्षक था। झांसी पर जब अंग्रेजों ने हमला कर दिया था तो गौस खान ने अंग्रेजों से लोहा लिया था।




'बैटल ऑफ सारागढ़ी' में वे अफगान सरदार के रोल में हैं। इसमें रणदीप हुड्डा भारतीय सेना के प्रमुख की भूमिका में हैं। डैनी ने बताया कि 'बैटल ऑफ सारागढ़ी' की शूटिंग भी जल्दी ही शुरू होने वाली है।