गुवाहाटी ।

राष्ट्रगान का सम्मान करना जरूरी है लेकिन एक शारीरिक रूप से अपंग व्यक्ति के साथ राष्ट्रगान के सम्मान के नाम पर कुछ ऐसा हुआ जिसको सुनकर आपको भी शर्म आ जाएगी। 



जी हां यह मामला गुवाहाटी का है। जहां पीड़ित अरमान अली (36) शुक्रवार को फिल्म देखने के लिए मल्टीप्लेक्स गए हुए थे जहां मूवी शुरू होने से पहले बजे राष्ट्रगान पर वह खड़े नहीं हो पाए जिस पर वहां मौजूद कुछ लोगो ने उनके साथ बदसुलूकी की और उन्हें पाकिस्तानी तक ठहरा दिया। 



टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, अरमान हॉल की आगे की सीट पर बैठे हुए थे। फिल्म के शुरू होने पर राष्ट्रगान बजा। अरमान खड़े तो नहीं हो सकते थे इसलिए वह कुर्सी पर ही सीधे होकर बैठ गए। फिर जैसे ही राष्ट्रगान खत्म हुआ तो पीछे बैठे दो लोगों ने उनको कथित रूप से गालियां देना शुरू कर दिया। अरमान के मुताबिक, उनमें से एक ने कहा सामने एक 'पाकिस्तानी' बैठा है। इसके बाद अरमान ने जब पीछे मुड़कर देखा तो वे दोनों अजीब तरह से हंसने लगे। अरमान ने इस मामले ,की शिकायत करने की ठान ली है जिसके लिए वह चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को एक चिठ्ठी भी लिखने वाले हैं।



अरमान खुद शिशू सारथी नाम का एक एनजीओ चलाते हैं। वह एनजीओ दिव्यांग लोगों को सशक्त बनने में मदद करता है। अरमान उसके कार्यकारी निदेशक हैं। 



आपको बता दें कि नवंबर 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म से पहले राष्ट्रगान बजाने को जरूरी किया था। साथ ही सबको खड़े होने के लिए भी कहा गया था। लेकिन बाद में साफ किया था कि दिव्यांग लोगों को खड़े होने की जरूरत नही है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि शारीरिक रूप से कमजोर लोगों को सिनेमा हॉल के अंदर खड़ा होना जरूरी नहीं है।