गुवाहाटी। ।

यूपीएससी परीक्षा के नतीजे शुक्रवार को घोषित किया गया है। यूपीएससी के नतीजे ने असम को सबसे ज्यादा खुशी दी है। क्योंकि असम चाय बागान श्रमिक समुदाय की बहनी तेलंगा इलाके की एेसी महिला बनी है,  जिन्होंने सिविल परीक्षा पास की है। बता दें कि बहनी ने सिविल परीक्षा में 661वीं रैंक हासिल की है। बता दें कि बहनी असम के पूर्व श्रम मंत्री बरकी प्रसाद तेलेंगी की बेटी हैं। उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दुर्गपुर से मेटलर्जी ऐंड मटीरियल्स इंजीनियरिंग में बीटेक किया था।
 


नॉर्थ ईस्ट के 25 अभ्यर्थियों को मिली सफलता

बहनी ने सेंट मैरी सीनियर सेकेंडरी स्कूल और कॉटन कॉलेज गुवाहाटी से अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की। इस बार के सिविल सर्विस एग्जाम में नॉर्थ ईस्ट के कुल 25 अभ्यर्थियों को सफलता मिली। बहनी कुमारी उनमें से एक हैं। बीटेक करने के बाद उन्हें राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड विशाखापत्तनम में नौकरी मिल गई थी। लेकिन सिविल सर्विस में जाने की तमन्ना की खातिर उन्होंने वहां से इस्तीफा दे दिया था।




रैंक ज्यादा होने के कारण आईएएस सर्विस मिलना मुश्किल

एक अंग्रेजी वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में बहनी ने कहा, 'मैंने पहले भी यूपीएससी के लिए दो बार परीक्षाएं दी थीं, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसलिए मैंने नौकरी छोड़ने का फैसला कर लिया और घर पर रहकर फिर से तैयारी शुरू की।'अभी रैंक ज्यादा होने की वजह से बहनी को आईएएस सर्विस मिलना मुश्किल है। इसीलिए वह फिर से आईएएस के लिए सिविल सर्विस की परीक्षा देने का प्रयास करेंगी। बहनी की इस सफलता पर उनके पिता बरकी प्रसाद ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है।




बिना किसी कोचिंग के की थी पढ़ार्इ

उन्होंने कहा, 'नौकरी छोड़ने के बाद बहनी पूरी तरह से पढ़ाई में पूरी तरह से डूब गई थी। उसका सपना था सिविल सर्विस में जाने का। इसके लिए उसने कोई कोचिंग भी नहीं जॉइन की, बल्कि घर पर रहकर खुद से तैयारी की। मुझे उसके आत्मविश्वास पर गर्व होता है।'



बहनी के पिता ने अगप के समर्थन से जीता था निर्दलीय चुनाव

बता दें कि बहनी के पिता बरकी प्रसाद ने 1985 में थोरवा विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। उन्होंने असम गण परिषद सरकार का समर्थन किया था और उन्हें श्रम मंत्री बनाया गया था। बारकी मूल रूप से सिवासपुर जिले के रहने वाले हैं लेकिन वर्तमान में वह अपने परिवार के साथ असम की राजधानी दिसपुर में रहते हैं।



बहनी के अलावा इन छात्रों ने हासिल की सफलता


बहनी के अलावा नॉर्थ ईस्ट क्षेत्र से कई अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है। इसमें बिपाशा कलिता, स्वपनील पॉल, मृगाखी डेका, आर्यनिक सैकिआ, पुर्ण बोरा, मनालिका बोरगोहैन, सिद्धार्थ दास, संकेत अग्रवाल, ममोनी डोले, शुभाजीत भुयान, परथा प्रोतिम दास, मनोज स्वार्गिअरी, बिदिशा चिंते, दीपजॉय दास और यशोधरा दास ने सफलता हासिल की। इसमें से बिपाशा कलिता ने पूरे क्षेत्र में सबसे अच्छी रैंक हासिल की। उन्हें 41वीं रैंक हासिल की। उनके बाद स्वपनील पॉल (64वीं रैंक) और मृगाखी डेका (126वीं) का नाम आता है।