गंगटाेक। ।

स्मिता आैर चिमि वांग्मू भाटिया सिक्किम की उभरती उद्यमी हैं। जो अपने छोटे से काम से बहुत आगे जाने के संकेत दे रही हैं। बहुत कम समय में उनके काम ने व्यापक रूम से अपनी पहचान बना ली है। पूर्वोत्तर के आठों राज्यों से 19 महिला उद्यमियों में से स्मिता आैर चिमी को असम में श्रीमंता शंकर मिशन के द्वारा आयोजित वसुंधरा अवार्ड के लिए चुना गया।




स्मिता साउथ सिक्किम के नामची इलाके की रहने वाली हैं जो महिलाआें के समूह की सहायता से सुगंधित मोमबत्ती बनाने का काम करती है, तो वहीं चिमि स्थानीय कारीगरों की सहायता से घर की सजावट के लिए हस्तशिल्प वस्तुआें को बनाने के लिए काम करती है।



वसुंधरा अवार्ड के लिए नामांकन होने के बाद स्मिता ने कहा कि सुबह जब मुझे अवार्ड के बारे में पता चला तो मैं बहुत उत्साहित थी। साथ ही उन्होंने कहा कि यह अवार्ड हमें एक पहचान देगा आैर इससे हमारे बिजनेस को बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा स्मिता ने कहा कि आज कल मोमबत्ती बनाने का काम छोटे लेवल जैसे समाप्त ही हो गया है।



बता दें कि गंगटोक स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईएफटी) कोलकाता में चिमि प्रोडक्ट डिजाइनर हैं।  चिमि कहती हैं कि मैं अपने काम में माल आैर मैनपाॅवर के मामले में स्थानीय संसाधन का इस्तेमाल करती हूं। मैं एेसे उद्यमशीलता में विश्वास करती हूं जो प्रकृति और पर्यावरण के अनुकूल है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मैं हस्त शिल्प  के लिए काम कर रहे सिक्किम के कारीगरों का जीवनस्तर सुधारने की उम्मीद करती हूं।