कोहिमा। ।

अमरोहा की इकलौती मुस्लिम बेटी फौजी सारिया खानम नागालैंड से 11 महीने की बेसिक ट्रेनिंग पूरी कर मंगलवार को घर पहुंची तो परिजनों की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। बेटी को वर्दी में सामने देख बेवा मां छुट्टो खानम की आंखें छलक उठीं।




माता-पिता के सपने को किया साकार

सारिया खानम के पिता अख्तर हुसैन ने मजदूरी करके अपनी चार बेटियों व एक बेटे को पढ़ाया था। लेकिन 16 सितंबर 2016 को उसके पिता की मौत होने के बाद मां के सिर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। भूमिहीन होने के बावजूद आर्थिक स्थिति से जूझते हुए मां ने हिम्मत नहीं हारी। परिवार में चौथे नंबर की ग्रेजुएट बेटी सारिया खान ने 4 अक्टूबर 2016 को मेरठ में हुई असम राइफल की परीक्षा पास कर न केवल बेवा मां को हिम्मत बंधाई, बल्कि माता-पिता के औलाद को फौजी बनाने का सपना भी साकार कर दिया। 



परिजन के साथ गांव वालों को सरिया पर गर्व


पिछले वर्ष जून में वह 11 महीने की ट्रेनिंग पर नागालैंड के दिमापुर के सिखोवी सेंटर पर गई थी। प्रशिक्षण पूरा कर मंगलवार को घर पहुंची तो परिजनों की खुशियों का ठिकाना न रहा। बेटी को सामने वर्दी में देखकर उसकी आंखों से आंसू छलक उठे। वहीं बुजुर्ग नानी नयाब बेगम ने देश की प्रहरी धेवती को कांपते हाथों से सीने से लगा लिया। परिवार के साथ ही गांव व हसनपुर क्षेत्र को बेटी सारिया खानम के फौजी बनने पर गर्व है। उसके घर पर उसे बधाई देने के लिए आने वालों का भी तांता लगा रहा।



जंगल ट्रेनिंग के बाद मिलेगी तैनाती


सारिया खान को तैनाती से पूर्व अभी तीन महीने की जंगल ट्रेनिंग और करनी है। असम राइफल की अपनी बैच में 300 महिला फौजियों में यूपी से दो महिला मुस्लिम फौजी में सारिया अमरोहा से अकेली हैं। दूसरी मुस्लिम महिला फौजी कानपुर की रजिया बानो है।बता दें कि सरिया अपनी 11 महीने की बेसिक ट्रेनिंग पूरी करके 21 दिन की छुट्टी पर घर आई हैं। पहली जून को वह तीन महीने की जंगल ट्रेनिंग करने के लिए जाएंगी। यह एडवांस ट्रेनिंग पूरी होने के बाद फिलहाल उसकी तैनाती दिमापुर में हो जाएगी।



बहन कर रही आइएएस की तैयारी


सारिया खान के परिवार में चार बहनें हैं। इनमें सबसे बड़ी बहन गुलबहार डॉक्टर व दूसरी सदफ विवाहित ग्रहणी है। तीसरे नंबर पर भाई सलमान खां बीएससी करने के बाद बिजनेस शुरू कर दिया है। सबसे छोटी बहन महक इंटर में पढ़ने के साथ ही आइएएस बनने की तैयारी कर रही है। सारिया ने इंटर तक की पढ़ाई खुशहाल इंटर कालेज सैमला से करने के बाद हाशमी डिग्री कालेज अमरोहा से बीए किया है।