ईटानगर। ।

अरुणाचल प्रदेश के निचली दिबांग घाटी जिले के रोइंग की रहने वाली 40 वर्षीय मुरी लिंग्गी ने माउंट एवरेस्ट फतह कर लिया है। वह चार बेटियों की मां हैं। उन्होंने 14 मई को सुबह 8 बजे दुनिया की सबसे ऊंची चोटी को फतह किया। वह तिन मेना और अंशु जामसेनपा के बाद एवरेस्ट फतह करने वाली अरुणाचल प्रदेश की तीसरी महिला हैं। 



उप मुख्यमंत्री चौना मैन ने लिंग्गी को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश को गौरव दिलाया है।  उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा कि चार बेटियों की मां 40 वर्षीय मुरी लिंग्गी ने खराब मौसम, तेज हवाओं और  हिमस्खलन के बीच  माउंट एवरेस्ट की ऊंची चोटियों पर विजय पाई। आपकी इस उपलब्धि पर प्रदेश को गर्व है। गौरतलब है कि लिंग्गी  पांच अप्रैल को रवाना हुई थीं। वह तिन मेना और अंशु जामसेनपा के बाद एवरेस्ट फतह करने वाली अरुणाचल प्रदेश की तीसरी महिला है। 





गौरतलब है कि मुरी के अभियान को राज्य सभा सदस्य मुकुट मिथि ने गत पांच अप्रैल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। मुरी ने 2013 में पश्चिम कमेंग जिले में राष्ट्रीय पर्वतारोहण और संबंधित खेल संस्थान से पर्वतारोहण का कोर्स किया था। इससे पहले वह हिमाचल प्रदेश की मेंथोसा चोटी और 2017 में अरूणाचल की गोरीचेन चोटी फतह कर चुकी हैं। मुरी की प्रेरणा हैं तिन मेना। वह अरूणाचल प्रदेश की पहली महिला थी, जिन्होंने 2011 में माउंट एवरेस्ट फतह की थी। वहीं, जामसेनपा ने पिछले साल पांच दिन की अवधि में दो बार एवरेस्ट फतह करने का वल्र्ड रिकार्ड बनाया था।